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चलती बस में रेप, जंगल में छोड़ गया प्रेमी… चित्रकूट की दो वारदातों ने दहलाया उत्तर प्रदेश




उत्तर प्रदेश के पवित्र नगरी चित्रकूट में इंसानियत को शर्मसार करने वाली दो जघन्य घटनाओं ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक तरफ चलती बस में एक मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की गई, जबकि दूसरी तरफ एक किशोरी के साथ बीच जंगल में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई, जहां उसका प्रेमी उसे बचाने की बजाय डर से मौके से फरार हो गया। इन दोनों घटनाओं ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम जनमानस में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर रोष और चिंता भी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन पर दबाव है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़िताओं को त्वरित न्याय मिल सके।

पहली घटना: चलती बस में मासूम के साथ हैवानियत


पहला मामला चित्रकूट के रैपुरा थाना क्षेत्र का है, जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए। एक महिला अपनी मासूम बच्ची को इलाज के लिए प्रयागराज ले जा रही थी और वापस रोडवेज बस से लौट रही थी। बस जैसे ही मऊ कस्बे से गुजरी, वहां मानिकपुरा निवासी राजकिशोर नाम का व्यक्ति बस में चढ़ा और महिला के बगल वाली सीट पर बैठी बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया। कुछ ही देर बाद जब बच्ची जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी, तो महिला को शक हुआ। उसने तुरंत बच्ची को आरोपी से छीनकर अपनी गोद में ले लिया और शोर मचाया। बस के अन्य यात्री भी सहम गए और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बस स्टैंड पर पहुंच चुकी थी और आरोपी मौके से फरार हो गया।

पीड़ित महिला ने रैपुरा थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्ची का मेडिकल जांच कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी राजकिशोर को तत्काल हिरासत में ले लिया है और उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द सजा दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चियों की असुरक्षा को उजागर किया है, क्योंकि दिनदहाड़े एक बस में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन कर इस घटना की निंदा की और सरकार से सुरक्षित बस सेवाओं की मांग की है।

दूसरी घटना: प्रेमी ने बहादुरी दिखाने की बजाय ठानी भागने की


दूसरी वारदात ने इलाके में और भी गहरा सदमा पहुंचाया है। यह मामला मानिकपुर थाना क्षेत्र का है, जहां एक 17 वर्षीय किशोरी अपने प्रेमी से मिलने के लिए झरी जंगल की ओर जा रही थी। किशोरी ने अपने परिवार वालों को बिना बताए प्रेमी से मिलने का मन बनाया था, लेकिन जंगल के रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसका प्रेमी, जो पास में ही मौजूद था, ने अपनी प्रेमिका को बचाने की बजाय डर से वहां से भाग खड़ा हुआ।

जब आरोपियों ने किशोरी को बदहवास और तड़पती हालत में छोड़ा, तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिवार को पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों ने तुरंत बुधवार को मानिकपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और किशोरी के प्रेमी से पूछताछ की, जिसमें उसने अपनी कायरता कबूली और बताया कि वह जान बचाने के लिए भाग गया था। पुलिस ने इस आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपियों की पहचान में जुटी है।

समाज में गुस्सा और सुरक्षा की मांग


इन दोनों घटनाओं ने चित्रकूट के लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि महिलाएं और बच्चियां दिनदहाड़े असुरक्षित हैं और पुलिस गश्ती व्यवस्था चरमरा गई है। स्थानीय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने नारेबाजी की और कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जानी चाहिए। महिला संगठनों ने भी अपनी चिंता जताई है और कहा है कि इस तरह की वारदातों के लिए न केवल अपराधी बल्कि मानसिकता भी जिम्मेदार है। उन्होंने बच्चियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने और सुरक्षित माहौल देने की मांग की है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया


स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दोनों मामलों में गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले मामले में आरोपी राजकिशोर को हिरासत में लेकर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। दूसरे मामले में तीनों आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस विभिन्न सुरागों के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि पुलिस पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाएगी।

मानवीय पहलुओं पर चिंता


इन घटनाओं ने समाज के नैतिक पतन पर गहरी चोट की है। एक मासूम बच्ची के साथ बस में हुई दरिंदगी ने माता-पिता की आंखें खोल दी हैं और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सचेत होने की जरूरत बताई है। वहीं दूसरी घटना ने प्रेम और विश्वास के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां प्रेमी मौके से भाग निकला। समाजशास्त्रियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल कानूनी व्यवस्था की खामियां दिखाती हैं, बल्कि सामाजिक मूल्यों के कमजोर पड़ने का भी संकेत देती हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चियों को अपनी आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि परिवारों को भी बच्चों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए ताकि वे किसी भी मुश्किल में सही कदम उठा सकें।

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